रश्मि ठाकुर की उम्र २४ साल थी ५ फुट ३ इंच की लम्बाई के बावजूद उनका वजन लगभग ८५ किलो था एक साल से वे नियमित रूप से जिम जाने के अलावा डायटिंग भी कर रही थी किन्तु तमाम व्यायाम, मार्निग वाक आदि के बाद भी उनके जांघ के पिछले हिस्से का उभार नहीं कम हो रहा था वह काफी परेशान थी उसकी शादी की बात चल रही थी इसी बीच वे मेरे पास आयी जिस पर उनको कार्बाक्सी थेरेपी के बारे में बताया गया पहले तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि ऐसी कोई थेरेपी भी आती है जिसमे परिणाम दो दिन के अन्दर ही मिल जाते है | इस पर उन्हें बताया गया कि यह थेरेपी अमेरिका तथा यूरोप में काफी लोकप्रिय है और सौ प्रतिशत सफल है | वे यह जानकर आश्चर्य चकित रह गयी कि जिस कार्बन डाई आक्साइड को वैष्विक ग्लोबल वार्मिंग के लिये जिम्मेदार मन जाता है वहीं इसका प्रयोग शरीर की फैट कम करने के लिये अथवा चेहरे के नये पुराने दागो को हटाने के लिये भी किया जा सकता है | इस थेरेपी इसके परिणाम बहुत ही बेहतरीन है और तत्काल आते है |

क्या है कार्बाक्सी थेरेपी ?
इस थेरेपी में वांछित स्थान पर कार्बन डाई आक्साइड गैस को एक विशेष प्रकार के यंत्र के माध्यम से एक विशेष प्रेशर पर त्वचा के उपरी हिस्से पर इंजेक्ट किया जाता है | गैस अन्दर जाने के साथ ही उस पूरे छेत्र में फैल जाती है और तेजी से अपना कार्य करने के बाद रक्त में घुल जाती है | इस प्रकार कोई दुष्प्रभाव नहीं दिखाती है |
सबसे पहले तो यह फैट सेल के उपरी आवरण(मेम्ब्रेन) को तोड़ देती है जिससे उसमें जमा सारा फैट निकल कर शरीर में बह जाता है और यह फैट स्वाभाविक तरीके से शरीर के बाहर निकल जाता है | इस प्रकार बिना किसी तकलीफ के फैट सेल की संख्या सेल की संख्या में कमी आ जाती है और इस प्रकार से तत्काल फैट लास हो जाता है | कार्बन डाई आक्साइड का दूसरा काम शरीर में जाते ही यह रक्त वाहनियों को चौड़ा कर देना है जिससे रक्त का संचार बढ़ जाता है और वहां पर आक्सीजन था भोज्य पदार्थो का आवागमन बढ़ जाता है I इस प्रक्रिया से कोषों के बीच स्थित जमा द्रव्य हट जाता है और इससे चेहरे पर कसाव आ जाता है | इस थेरेपी के कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होते है लेकिन जिस स्थान पर कार्बन डाई गैस को इंजेक्ट किया जाता है वहां पर रक्त के संचरण के तेज हो जाने से तापमान बढ़ जाता है इस तापमान लगभग १० से १५ मिनट तक बढा रहता है|

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इस से त्वचा पर निम्न प्रभाव होते है पहला तो कोलेजन कंटेंट के बढ जाने से त्वचा का लचीलापन बढ जाता है इसके अलावा रक्त आपूर्ति करने वाली नयी धमनियों की संख्या के बढ जाने के कारण रक्त संचार बढ जाता है जिससे डार्क सर्कल भी ठीक हो जाती हइतना ही नहीं डायबिटिक फुट के लोगो में भी इस थेरेपी से काफी आराम मिलता है इतना ही नहीं स्किनअल्सर,झाइयों को दूर करने में, मुहासों को हटाने में भी इस थेरेपीकाप्रयोग किया जाता हइस थेरेपी से नये निशान बहुत ही जल्दी ठीक होते है जबकि पुरानो पर भी यह बहुत ही प्रभावी है |
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